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कà¥â€à¤¯à¤¾ लेबर पेन जितना ही अबॉरà¥à¤¶à¤¨ में होता है दरà¥à¤¦? गायनेकोलोजिसà¥â€à¤Ÿ से जानें सही जवाब
कंसीव करने के बाद से लेकर डिलीवरी तक महिलाओं को बहà¥à¤¤ कà¥à¤› सहना पड़ता है। इस दौरान उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ कई तरह के दरà¥à¤¦ को à¤à¥€ बरà¥à¤¦à¤¾à¤¶à¥â€à¤¤ करना पड़ता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के पहले तीन महीने बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• होते हैं कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इस पीरियड में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होने का खतरा जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है। वहीं कà¥à¤› मामलों में अनचाही पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी होने पर महिलाà¤à¤‚ अबॉरà¥à¤¶à¤¨ करवाना चाहती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में कई बार मन में यह सवाल आता है कि कà¥â€à¤¯à¤¾ अबॉरà¥à¤¶à¤¨ से दरà¥à¤¦ होता है?अबॉरà¥à¤¶à¤¨ हर महिला के लिठअलग होता है। कà¥à¤› महिलाओं को बहà¥à¤¤ तेज पीरियडà¥à¤¸ में होने वाली à¤à¤‚ठन महसूस होती है और कà¥à¤› के लिठयह समय आसानी से गà¥à¤œà¤° जाता है और कोई पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥â€à¤²à¤® नहीं आती है। हो सकता है कि अबॉरà¥à¤¶à¤¨ में कà¥à¤› समय के लिठदरà¥à¤¦ हो और जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाà¤à¤‚ इसके अगले दिन ही रोजमरà¥à¤°à¤¾ के काम कर सकती हैं। जबकि कà¥à¤› महिलाओं का कहना है कि अबॉरà¥à¤¶à¤¨ का दरà¥à¤¦ पीरियडà¥à¤¸ में होने वाली à¤à¤‚ठन से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है लेकिन लेबर पेन से कम होता है। आमतौर पर डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° अबॉरà¥à¤¶à¤¨ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ दरà¥à¤¦ और असहजता को कम करने के लिठदवा लिखते हैं।कैसे होता है अबॉरà¥à¤¶à¤¨
अबॉरà¥à¤¶à¤¨ के दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से à¤à¥à¤°à¥‚ण और पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के ऊतक निकल या निकाल दिठजाते हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी कितने हफà¥à¤¤à¥‡ की है और अनà¥â€à¤¯ कारकों के आधार पर डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° बताते हैं कि अबॉरà¥à¤¶à¤¨ किस तरह करना है। आमतौर पर अबॉरà¥à¤¶à¤¨ दो तरह का होता है मेडिकल और सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल।
​मेडिकल अबॉरà¥à¤¶à¤¨
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी को खतà¥â€à¤® करने के लिठकई तरह की दवाà¤à¤‚ à¤à¤•साथ दी जाती हैं। पहले दवा खाकर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी को आगे बढ़ने से रोका जाता है और फिर à¤à¤• से तीन दिनों के बाद वैजाइनल दवा दी जाती है। ये दवाà¤à¤‚ यूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ लाइनिंग को गिराती हैं और योनि से à¤à¥à¤°à¥‚ण के हिसà¥â€à¤¸à¥‡ बाहर आते हैं। इससे आपको à¤à¤‚ठन और बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो सकती है।
​कब होता है मेडिकल अबॉरà¥à¤¶à¤¨
चार से नौ हफà¥à¤¤à¥‡ में मेडिकल अबॉरà¥à¤¶à¤¨ की सलाह दी जाती है। हालांकि, इससे पहले अबॉरà¥à¤¶à¤¨ करवाने पर जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेहतर परिणाम मिल पाते हैं।
​सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल अबॉरà¥à¤¶à¤¨
इसमें पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी को खतà¥â€à¤® करने के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की सफाई की जाती है। पीरियडà¥à¤¸ मिस होने के पांच से छह हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बाद सकà¥â€à¤¶à¤¨ कà¥â€à¤¯à¥‚रेटेज या डी à¤à¤‚ड सी से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी को खतà¥â€à¤® किया जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के 14 हफà¥à¤¤à¥‡ पार करने के बाद डी à¤à¤‚ड सी से अबॉरà¥à¤¶à¤¨ किया जाता है।
गायनेकोलॉजिसà¥â€à¤Ÿ की राय
नोà¤à¤¡à¤¾ à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤Ÿà¥‡à¤‚शन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ कà¥à¤°à¤¿à¤à¤¶à¤¨ वरà¥à¤²à¥â€à¤¡ आईवीà¤à¤« की मेडिकल डायरेकà¥â€à¤Ÿà¤° डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° शà¥à¤šà¤¿ कालिया कहती हैं कि अबॉरà¥à¤¶à¤¨ कई तरह का होता है जिसमें पहले तीन महीने में और फिर अगले दो महीने में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होता है। पहले तीन महीने में अबॉरà¥à¤¶à¤¨ आसानी से हो जाता है। इस समय दवा या सरà¥à¤œà¤°à¥€ की मदद से अबॉरà¥à¤¶à¤¨ किया जाता है। दवा से अबॉरà¥à¤¶à¤¨ करवाने पर à¤à¤‚ठन महसूस होती है और à¤à¥à¤°à¥‚ण के हिसà¥â€à¤¸à¥‡ योनि के जरिठबाहर निकलते हैं जिससे दरà¥à¤¦ होता है।
​डिलीवरी जैसा होता है दरà¥à¤¦
सरà¥à¤œà¤°à¥€ से अबॉरà¥à¤¶à¤¨ करने पर बेहोश कर दिया जाता है और दरà¥à¤¦ को कम करने के लिठदवा दे दी जाती है जिससे दरà¥à¤¦ महसूस नहीं होता है। वहीं इसके बाद अगले दो महीनों में जो अबॉरà¥à¤¶à¤¨ होता है, वो डिलीवरी की तरह ही होता है। इसमें दवा की मदद से दरà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ कर के बचà¥â€à¤šà¥‡ को पà¥à¤°à¤¸à¤µ की तरह की बाहर निकाला जाता है।
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